‘कानन-कुसुम’ जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक अन्य प्रमुख कृति है। यह कृति प्रसाद की कविताओं का संकलन है जिसमें उन्होंने प्रकृति, प्रेम, दार्शनिक विचारों और सामाजिक चिंतनों को बड़ी खूबसूरती और गहराई के साथ उकेरा है। ‘कानन-कुसुम’ में प्रकृति के विभिन्न रूपों का वर्णन है और इसमें प्रकृति के सौंदर्य को बहुत ही काव्यात्मक और सजीव तरीके से पेश किया गया है। इस संकलन में शामिल कविताएँ न केवल प्रकृति के प्रति लेखक के प्रेम को दर्शाती हैं, बल्कि मानवीय भावनाओं और संवेदनाओं को भी प्रगट करती हैं।
जयशंकर प्रसाद की यह कृति उनकी गहरी दार्शनिक समझ और साहित्यिक कौशल का प्रमाण है। इसमें प्रेम, वियोग, समाज के प्रति चिंतन, और अध्यात्मिक विचारों का सुंदर समावेश है। प्रसाद की ये कविताएं न सिर्फ उनके समकालीन पाठकों के लिए, बल्कि आज के पाठकों के लिए भी उतनी ही प्रासंगिक और आकर्षक हैं। ‘कानन-कुसुम’ भावनाओं और विचारों की गहराई को छूने वाला एक साहित्यिक खजाना है, जो पाठकों को प्रकृति और मानवता के सूक्ष्म संबंधों का अनुभव कराता है। इसमें निहित कविताएँ उस युग के हिंदी साहित्य की उत्कृष्टता और समृद्धि को दर्शाती हैं।
Jayshankar Prasad
Kanan Kusum [EPUB ebook]
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Língua Inglês ● Formato EPUB ● Páginas 91 ● ISBN 9789359883403 ● Tamanho do arquivo 0.4 MB ● Editora True Sign Publishing House ● Publicado 2023 ● Carregável 24 meses ● Moeda EUR ● ID 10222271 ● Proteção contra cópia Adobe DRM
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